मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी लुढ़का

Thu 09-Apr-2026,05:31 PM IST +05:30

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मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी लुढ़का Sensex-Nifty-Fall-Middle-East-Tension
  • मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 931 अंक और निफ्टी 222 अंक टूटा।

  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी, जबकि घरेलू निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट का दौर देखने को मिला। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की और अंत तक लाल निशान में ही बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 931 अंक यानी 1.20 फीसदी गिरकर 76,631 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 222 अंक यानी 0.93 फीसदी टूटकर 23,775 पर आ गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सीजफायर को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। निवेशकों में सतर्कता बढ़ी और बिकवाली का दबाव बना रहा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत रही।

ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंता बढ़ गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 फीसदी गिरा। इसके अलावा बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। हालांकि मेटल सेक्टर में हल्की तेजी देखने को मिली, जहां निफ्टी मेटल इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ा।

टॉप लूजर्स में लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयर शामिल रहे। वहीं एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टीसीएस और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

विदेशी निवेशकों (FIIs) ने बाजार में बिकवाली जारी रखी और करीब 2,800 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 4,100 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।